अखण्ड भारत और राजनीति
मैं मात्र व्यक्ति नहीं बल्कि मैं ही भारत हूँ ये सारे राजनीतिक दल मेरे बेटे हैं।
मुझको एक सफल बाप होने व अपनी प्रतिष्ठा, अखण्डता, स्वाभिमान बनाए रखने हेतु निष्पक्ष होकर उनके सही काम पर पीठ थपथपाना और गलती पर समझाना या थप्पड़ मारनेे का फैसला करना आना ही चाहिए।
आदर्श द्विवेदी "अधूरा"
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